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कुशीनगर में शौचालय नहीं होने की वजह से बहुओं ने छोड़ा सुसराल

kushinagar Pratibimb News

नई दिल्ली/सुनैना गुप्ता। कुशीनगर के जंगल जगदीशपुर ने सरकारी दावों से परे हकीकत दिखा दी. यहां ससुराल में शौचालय नही होने के कारण 16 बहुओं ने अपना ससुराल छोड़ कर मायके चली गई. इन बहुओं का कहना है की शौचालय ना होने की वजह से बरसात में समस्या होती थी. खेतों में पानी भर गया है. तो शौच हम कहां करने जाऐंगे . आपको जानकर हैरानी होगी की 2018 में ही कुशीनगर जनपद को कागजों में ओडीएफ घोषित कर दिया गया था.

बता दें की स्वचछ भारत के मिशन के तहत कुशीनगर जनपद में तकरीबन 4 लाख शौचालय बनने थे . कुशीनगर जनपद को 30 नवम्बर को ओडीएफ घोषित कर दिया गया . ओडीएफ मतलब खुले में शौच मुक्त और यह तभी सम्भव है. जब सभी शौचालयों का निर्माण शतप्रतिशत करा दिया गया हो .

भरपटिया टोले की यह बहुएं ससुराल छोडकर मायके इसलिए चली गई क्योंकि उनके घर में शौचालय नहीं था और उन्हे तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. शौचालय निर्माण के लिए बहुओं का कहना है की एक तरफ नाला है तो दूसरी तरफ नहर. चारो तरफ पानी लगता है. जब तक ससुराल में शौचालय नहीं बन जाता है तब तक मायके में ही रहेंगी. बहुओं की बातों को ससुराल वाले भी मान रहे है. और आपको बता दें की टोला भरपटिया की आबादी 1000 है. और यह गरीब तपके के लोग निवास करते है. गरीबों की बस्ती होने के बाद भी अधिकतर के पास शौचालय नहीं है.

जानकारी के मुताबिक, 465 शौचालय का एमआईएस था , बार- बार शौचालय के लिए एमआईएस कराने का प्रचार किया गया था लेकिन कोई अपनी समस्या लेकर नहीं आया. चुनाव के समय यह लोग एकाएक जागरुक हुए की शौचालय बनाना है. जो 16 बहुओं के घर छोड़कर जाने की बात है वह सब घर पर है. लोग सरकारी जमीनों पर शौचालय बनाने के लिए दबाव बना रहे हैं.

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