स्वास्थ मंत्रालय ने “हर्ड इम्यूनिटी” की अटकलों को किया खारिज

0
253
pratibimb news

नई दिल्ली/आर्ची तिवारी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ओएसडी राजेश भूषण ने साफ-साफ इंकार कर दिया कि कोविड-19 से बचने के लिए हर्ड इम्युनिटी राजनैतिक विकल्प नहीं हो सकता। हर्ड इम्यूनिटी अभी दूर-दूर तक नहीं है और भारत जैसा देश इसको बिना वैक्सीन के हासिल नहीं कर सकता। 135 करोड़ की आबादी का भारत सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग से ही कोविड-19 जैसे संक्रमण से बच सकता है।

ये भी पढ़ें अगस्त में होने वाली काउंसिल ऑफ इंडिया की परीक्षा हुई स्थगित

क्या होता है हर्ड इम्यूनिटी?

हर्ड इम्युनिटी वह स्थिति होती है जब किसी समाज में अधिकांश लोग में वायरस की प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न हो जाती है। यह दो तरीके से हो सकता है। एक तो वायरस के फैलने के साथ-साथ लोगों में यह प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न होती जाती है या दूसरा तरीका वैक्सीन के माध्यम से इसे विकसित करने की है। जबकि राजेश भूषण ने इस बात से साफ इनकार कर दिया है कि भारत में अभी कम्युनिटी संक्रमण फैला है। इसी कारण ज्यादा लोगों में इसकी प्रतिरोधक क्षमता भी नहीं है और ना ही अभी तक कोई वैक्सीन बन पाई है। कोविड-19 महामारी से बचने के लिए सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र उपाय है।

ये भी पढ़ें नई शिक्षा नीति पर बोलें मनीष सिसोदिया, कहा नई शिक्षा नीति ‘हाइली रेगुलेटेड और पुअरली फंडेड’ है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here