इन मंदिरों में केवल हिन्दू धर्म के लोग ही कर सकते हैं प्रवेश

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नई दिल्ली/ दीक्षा शर्मा। भारत के संविधान में समानता की बात कही गई है. हमारे देश में कहने को सभी धर्म समान हैं, लेकिन अगर उनकी असलियत जानों तो वो समान होते नहीं हैं. वैसे तो सभी एक दूसरे धर्म के मंदिर – मस्जिद में आ सकते हैं. लेकिन हमारे देश में ऐसे भी कई मंदिर हैं जहां सिर्फ हिन्दू धर्म को प्रवेश की अनुमति है. इतना ही नहीं, जिन लोगों का गैर-हिंदूओं से संबंध भी हो उन्हें भी यहां दर्शन करने की अनुमति नहीं है. मंदिर के मंहत की तरफ से किसी और धर्म के अंदर न आने के लिए गेट के बाहर बोर्ड लगाया जाता है.जिस पर साफ लिखा गया है कि ये तीर्थ हिंदूओं का पवित्र स्थल है, यहां पर गैर-हिंदूओं का प्रवेश वर्जित है.

गुरुवायुर मन्दिर, केरल 

यह मंदिर केवल के त्रिशूर में स्थित है. गुरुवायुर मन्दिर हिन्दुओं का धार्मिक आस्था का केंद्र है. इस मंदिर कि यह ख़ास विशेषता है कि यहां सिर्फ हिन्दुओं को ही प्रवेश की अनुमति है. यहां लाखों भक्त पूजा अर्चना के लिए आते हैं. मंदिर के प्रमुख देवता भगवान गुरुवायुरप्पन हैं जो बालगोपालन के रूप में हैं. इस जगह को भगवान कृष्ण और भगवान विष्णु का घर माना जाता है. इसे दक्षिण का बैकुंठ और द्वारिका कहा जाता है.

लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर

यह मंदिर उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है. लिंगराज मंदिर काफ़ी प्रसिद्ध है.
यहां प्रतिदिन भक्तों का तांता लगा रहता है लेकिन इस मंदिर में केवल हिन्दू धर्म के लोग ही अंदर आ सकते हैं. मंदिर की प्रसिद्धि ऐसी है कि दूर पश्चिमी देशों से भी भक्त दर्शन करने आते थे लेकिन साल 2012 में एक विदेशी सैलानी ने यहां आकर मंदिर के कुछ कर्म-कांडों में अड़चन पैदा की थी जिसके बाद से ही मंदिर के ट्रस्ट बोर्ड द्वारा गैर-हिंदूओं का  मंदिर परिसर में दाखिल होने पर रोक लगा दी गई .

कामाक्षी मंदिर, तमिलनाडु

तमिलनाडु के कांचिपुरम में स्थित कामाक्षी अम्मन मंदिर मात पार्वती यहां मां का कामाक्षी स्वरूप में पूजा की जाती है.इस मंदिर को श्रद्धालु शंकराचार्यजी के नाम से भी जानते हैं. यह मंदिर दक्षिण भारत के प्रसिद्ध और विख्यात मंदिरों में से एक है. परन्तु यहां पर भी गैर-हिंदूओं का आना मना है.

विश्वनाथ मंदिर, काशी

शिव की नगरी काशी में गंगा तट पर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है. प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर में भी गैर-हिंदूओं को जाने से रोका जाता है हालांकि इस मंदिर में कई बार गैर-हिंदूओं को दर्शन करने की अनुमति दी गई है लेकिन मंदिर के अंदर उत्तरी दिशा में स्थित ज्ञान कुपोर कुएं के आस-पास किसी भी गैर-हिंदू  को जाने की अनुमति नहीं है. दरअसल यह स्थान मंदिर के पवित्र क्षेत्रों में से एक है, जहां केवल हिंदूओं को आने की इजाजत है.

पशुपतिनाथ, काठमांडू

भारत के पड़ोसी देश नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी  पर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर प्राचीन और खास तीर्थस्थल है. इस मंदिर में प्रवेश करने के लिए आपका हिन्दू एवं बौद्ध मूल का होना आवश्यक है इस मंदिर में भी गैर हिंदूओं को प्रवेश की अनुमति नहीं है. हालांकि विदेशी या फिर अन्य गैर-हिंदू धर्म के लोग केवल नदी के दूसरे छोर से मंदिर के दर्शन कर सकते हैं.

जन्ननाथ मंदिर, पूरी

जगन्नाथ मंदिर विष्णु के 8वें अवतार श्रीकृष्ण को समर्पित है. बंगाल की खाड़ी के पूर्वी छोर पर स्थित शहर पुरी भुवनेश्वर के  पास है. यहां भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं. इस मंदिर में भी किसी गैर-हिंदू के प्रवेश की इजाजत नहीं है. मंदिर के दरवाजे के निकट एक दिशा पट्टी लगी हुई हुई है जिस पर लिखा है, ‘यहां केवल रुढिवादी हिंदूओं को भीतर भीतर जाने की अनुमति है’.  इतना ही नहीं, जिन लोगों का गैर हिंदूओं से संबंध भी हो उन्हें भी यहां दर्शन करने की अनुमति नहीं मिली थी.

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