तालाबंदी की वजह से ठंडी पड़ी सियासत अब होगी गर्म..

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नई दिल्ली/ दीक्षा शर्मा। इस दौरान पूरी दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही है. 24 मार्च से पूरे भारत में लॉकडाउन था. भारत में चार चरणों में लॉकडाउन होने के बाद अब अन लॉक 1 चल रहा है. जिसमें कंटेंटमेंट ज़ोन को छोड़कर सरकार ने काफ़ी छूट दी है. लेकिन इस तालाबंदी के बाद सियासी गतिविधियां एक तरह से ठप सी हो गई थीं. अब देखने को मिल रहा है कि राजनीतिक हलचले फिर से शुरू हो रही हैं. इस महीने कई सियासी घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं. बिहार में तो राजनीति का नया प्रयोग शुरू हो ही गया है. इसके साथ मध्य प्रदेश 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जो राष्ट्रीय राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं.

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बिहार में चुनाव की तैयारी शुरू

सूत्रों के मुताबिक बिहार विधानसभा चुनाव इस साल के अक्टूबर-नवंबर में होने हैं. चुनाव की अधिसूचना अगस्त में जारी हो सकती है. अधिकारियों के अनुसार विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी का काम बहुत पहले से ही शुरू हो जाता है. वोटर लिस्ट तैयार करने से लेकर बाकी तमाम कार्यों में बहुत वक्त लगता है. अब इसमें लॉक डाउन की वजह से कम से कम दो महीने की देर हो चुकी है. इसके अलावा बिहार के कई जिले हर साल जून-जुलाई में बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं. बिहार की राजनीति में नया प्रयोग तो शुरू हो ही गया है, साथ-साथ जेडीयू, बीजेपी और आरजेडी सहित सभी दलों ने ऑनलाइन चुनावी अभियान भी शुरू कर दिया है. बीजेपी ने दावा किया है कि वह इस हफ्ते शुरू हो रहे अभियान में राज्य की समस्त जनता तक पहुंच बनाएगी. वहीं नीतीश कुमार 7 से 15 जून के बीच राज्य के सभी जिलों में वर्चुअल रैली के माध्यम से पहुंचेंगे. आयोग के एक सीनियर अधिकारी ने माना कि लॉकडाउन पूरी तरह उठने और हालात सामान्य होने के बाद आयोग को तत्काल युद्ध स्तर पर जुटना होगा, तभी वहां तय समय पर चुनाव हो सकेंगे. साफ है कि चुनाव टलने की बात न कही जाए तो भी इतना तो तय है कि समय पर चुनाव आज की तारीख में काफी मुश्किल लग रहा है. इसके बावजूद आयोग से लेकर राजनीतिक दल तक तय समय पर चुनाव होने के बारे में आश्वस्त हैं.

राजसभा की 24 सीट पर दंगल

वहीं 24 सीटों पर 19 जून को राज्यसभा के चुनाव होने वाले हैं. कुछ दिनों बाद राज्यसभा के लिए हालचलें शुरू हो जाएंगी. दरअसल, यह चुनाव 26 मार्च को होना था, लेकिन कोरोना के कारण टल गया था. ये उपचुनाव उन सीटों पर होंगे, जिन पर कांग्रेस के जीते विधायक पार्टी छोड़कर बीजेपी में गए और जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ की सरकार गिराकर फिर सीएम की गद्दी पाई. राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात की राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव दिलचस्प होने की संभावना बन गई है, जहां बीजेपी की नजर कांग्रेस के बागी विधायकों की क्रॉस वोटिंग पर है. गुजरात में तो कांग्रेस विधायकों के टूटने के बाद एक सीट पर खतरा भी पैदा हो गया है. गुजरात में राज्यसभा की 4 सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस विधायक दल टूट गई. वहां कांग्रेस दो सीट जीत सकती थी, लेकिन दो दिनों के अंदर बीजेपी ने पार्टी के तीन एमएलए को अपने पाले में मिला लिया. कांग्रेस ने यहां दो उम्मीदवार खड़े किए हैं और अब पार्टी को रणनीति बनाने में बहुत परेशानी हो सकती है.

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राज्यसभा चुनाव से पहले माइंड गेम शरू

इसी चुनाव में कांग्रेस से बीजेपी में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया भी हिस्सा लेना चाहते हैं. 10 मार्च 2020 को ज्योतिरादित्य सिंधिया की एंट्री के साथ ही पूरा सिंधिया परिवार बीजेपी में शामिल हो गया था. मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी में माइंड गेम भी शुरू हो गया है. कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह मैदान में हैं. वहीं कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को रोकने के लिए वहां पूर्व पीएम और जेडीएस नेता एचडी देवेगौड़ा को सपोर्ट करने का फैसला किया है. कांग्रेस ने यह भी दावा किया है कि येदियुरप्पा से नाराज कई बीजेपी नेता उसके संपर्क में हैं और उनकी बातें सुनने के लिए पार्टी ने एक कमिटी तक बना दी है. हालांकि बीजेपी ने राज्य सरकार में किसी तरह की अस्थिरता होने की बात को खारिज किया है. राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव के बाद उच्च सदन में बीजेपी का दबदबा और बढ़ सकता है.

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